दिनांक 29 मई 2026 शुक्रवार को फेसबुक पेज पर प्रतियोगिता आयोजित हो रही है।

*अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यिक मित्र मंडल, जबलपुर, मध्यप्रदेश*
_साहित्य, संवेदना एवं संस्कृति का वैश्विक संगम_*साप्ताहिक सृजन-आह्वान : कलम से क्रांति की ओर*
परम आदरणीय सृजन-साधकों, सुधी रचनाकार बंधु-भगिनियों,
मैं विनय पाण्डेय, विषय-प्रदाता एवं आयोजक, माँ शारदे के चरणों में नमन करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यिक मित्र मंडल के मंच से आप सभी का भाव-भरा वंदन करता हूँ।
ग्रीष्म की यह प्रखर तपन जब धरा को झुलसा रही है, तब लेखनी की धार को और प्रखर करने हेतु हम आपके समक्ष रख रहे हैं इस सप्ताह का विचारोत्तेजक, मर्मस्पर्शी विषय:
*विषय: “अन्नदाता या कर्जदाता?”*
वह हाथ जो धरती का सीना चीरकर अन्न उपजाता है, क्या आज वही हाथ कर्ज के बोझ से दबा है? आइए, अपनी संवेदना की स्याही से इस प्रश्न को शब्द दीजिए। आप गद्य, पद्य, ग़ज़ल, मुक्तक, दोहा, कहानी, लघुकथा, संस्मरण – किसी भी विधा में अपनी मौलिक अनुभूति उकेर सकते हैं।*प्रतियोगिता के साहित्यिक नियम एवं मर्यादाएँ:*
1. *सहभागिता-पात्रता:* यह सृजन-यज्ञ केवल मंडल के *’अन्तर्राष्ट्रीय सदस्य’* साथियों हेतु आयोजित है।
2. *अनिवार्य उल्लेख:* रचना के समापन पर अपना *नाम* तथा उसके ठीक नीचे *अन्तर्राष्ट्रीय सदस्यता क्रमांक/कुटुम्ब ऐप संख्या* अंकित करना अनिवार्य है। इसके अभाव में रचना प्रतियोगिता से स्वतः ही बाहर मानी जाएगी।
3. *रचना-प्रेषण:* केवल मंडल के *आधिकारिक फेसबुक पेज* पर पोस्ट की गई रचनाएँ ही प्रतियोगिता में सम्मिलित होंगी। फेसबुक ग्रुप अथवा व्हाट्सएप पर प्रेषित रचनाएँ अमान्य रहेंगी।
4. *समय-मर्यादा:* *दिनांक 29 मई 2026, शुक्रवार, प्रातः 8:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक।* समय-चक्र की मर्यादा का पालन अनिवार्य है; तदुपरांत प्राप्त रचनाएँ स्वीकार नहीं की जाएँगी।*सृजन-सम्मान:*
इस वैचारिक महायज्ञ में आहुति देने वाले प्रत्येक कलम-साधक को *’डिजिटल सहभागिता सम्मान-पत्र’* से अलंकृत किया जाएगा, जिसे आप फेसबुक पेज से स्वयं डाउनलोड कर सकेंगे।*विशेष निवेदन:*
प्रतियोगिता से संबंधित समस्त सूचना, शंका-समाधान एवं अद्यतन जानकारी केवल *आधिकारिक फेसबुक पेज* पर ही उपलब्ध रहेगी। व्हाट्सएप समूह की पवित्रता बनाए रखें, वहाँ प्रतियोगिता विषयक कोई चर्चा न करें।*हमसे जुड़िए, शब्दों के सेतु से:*
*फेसबुक पेज:* [यहाँ लिंक डालें]
*फेसबुक ग्रुप:* [यहाँ लिंक डालें]तो आइए, कलम उठाइए। भावों की भट्ठी में शब्दों को तपाइए।
*”अन्नदाता या कर्जदाता?”* – इस प्रश्न का उत्तर आपकी लेखनी दे।
हम प्रतीक्षारत हैं आपकी ओजस्वी, मर्मस्पर्शी एवं क्रांतिकारी रचनाओं के।*आइए, साहित्य के इस महायज्ञ में अपनी सृजन-आहुति दें।*
*सादर, साभार*
*विनय पाण्डेय*
विषय प्रदाता / आयोजक
*अन्तर्राष्ट्रीय साहित्यिक मित्र मंडल*
जबलपुर, मध्यप्रदेश

