🌿 प्रकृति हमारी प्यारी🌿

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दिनांक 30 सितंबर 2026
दिन – मंगलवार
बालगीत
स्वरचित सुरक्षित
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🌿 प्रकृति हमारी प्यारी🌿
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चिड़िया चहके आँगन में,
तितली नाचे बागों में।
फूल हँसें हैं डालों पर,
खुशबू भर दे साँसों में।
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पेड़ लगाएँ, पेड़ बचाएँ,
धरती माँ को खूब सजाएँ।
नीम, पीपल, आम लगाएँ,
छाया पाएँ राहों में।
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नदिया कल-कल गीत सुनाए,
झरना झर-झर नीचे आए।
बूँद-बूँद पानी को बचाएँ,
जीवन है इन धारों में।
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कोयल कूके कुहू-कुहू,
भँवरा गाए गुन-गुन-गुन।
दाना-पानी रखें सभी के,
पंछी आएँ छज्जों में।
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कूड़ा-कचरा दूर हटाएँ,
स्वच्छ गली-आँगन बनाएँ।
धरती हँसे, हवा मुस्काए,
हरियाली हो चारों ओर।
बच्चों -♥️🌳
पेड़ लगाएँ, पेड़ बचाएँ,
धरती माँ को खूब सजाएँ।
आज प्रकृति का मान बढ़ाएँ,
कल खुशियाँ हों जीवन में संजाए। 🌳🦋🐦
धन्यवाद
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श्रीमती मधु बालकृष्ण भट्ट
सेवानिवृत्त व्याख्याता
मंदसौर (कटनी )मध्य प्रदेश

